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सिनेमैटोग्राफर कैसे बनें ?

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सिनेमैटोग्राफर कैसे बनें ?

How to Become Cinematographer?

सबसे पहले यह जानना जरुरी है की एक सिनेमैटोग्राफर होता क्या है और उसका काम क्या है ? बहुत ही साधारण शब्दों में कहा जाये तो “सिनेमा और सीरियल को कैमरा में रिकॉर्ड करने वाला सिनेमैटोग्राफर होता है|” जैसे एक बहुत ही चर्चित सिनेमा है “बाहुबली”, इस सिनेमा को रिकॉर्ड करने वाले को सिनेमैटोग्राफर कहेंगे | उसी प्रकार CID एक सीरियल है, इस सीरियल को रिकॉर्ड करने वाले को सिनेमैटोग्राफर कहेंगे| एक सिनेमैटोग्राफर को डायरेक्टर ऑफ़ फोटोग्राफी भी कहते हैं और साधारण भाषा में कैमरामैन भी कहते हैं | वास्तव में सिनेमैटोग्राफर, डायरेक्टर ऑफ़ फोटोग्राफी, और कैमरामैन एक होते हुए भी इनमें अंतर है जो उनके ज्ञान तथा कार्यानुभव के अनुसार होता है | सिनेमा, सीरियल, फिल्म, विज्ञापन, डाक्यूमेंट्री, खेल इत्यादि को एक सिनेमैटोग्राफर इतने सुन्दर तरीके से कैमरा में रिकॉर्ड करता है कि दर्शकों को बहुत पसंद आता है | सिनेमैटोग्राफर को अच्छा कार्य करने के लिए तथा एक अच्छे पद पर पहुँचने ले लिए बहुत मेहनत करना पड़ता है | सिनेमैटोग्राफर कैमरा, लेंस, लाइट, फोटोग्राफी पेपर्स, फोटोग्राफी इक्विपमेंट्स इत्यादि का इस्तेमाल कर अच्छा से अच्छा शॉट लेता है | एक सिनेमैटोग्राफर की जिम्मेवारी बहुत बड़ी होती है | वह फिल्म, सिनेमा, सीरियल या जो भी शूट हो रहा है उकसे डायरेक्टर के साथ मिलकर कर काम करता है | डायरेक्टर सबसे पहले सिनेमैटोग्राफर को स्क्रिप्ट बताता है | स्क्रिप्ट के मौलिक बातों को समझकर सिनेमैटोग्राफर निर्णय लेता है की शूटिंग के लिए किन चीजों की आवश्यकता है तथा कैसे शूट करना है | कौन सा कैमरा होगा, क्या लेंस होगा, क्या लाइट होगा, किस तरह के फोटोग्राफी इक्विपमेंट्स होंगे, कैसा फ्रेम होगा, कैसा शॉट होगा, किस एंगल से लेना है, इन सब बातों का निर्णय एक सिनेमैटोग्राफर लेता है | एक सिनेमैटोग्राफर बनने के लिए सिनेमैटोग्राफी से जुड़ी टेक्निकल चीजों जैसे कैमरा, लेंस, लाइट, फोटोग्राफी पेपर्स, इक्विपमेंट्स इत्यादि की जानकारी होना जरुरी है, सिनेमैटोग्राफी तकनीकी का अच्छा ज्ञान होना चाहिए, साथ ही साथ एक आर्टिस्टिक सोच का होना जरुरी है | एक सिनेमैटोग्राफर को सिनेमैटोग्राफी टेक्नोलॉजी के साथ क्रिएटिव आईडिया के साथ काम करना होता है ताकि जो शूटिंग हो रहा है उसमें ऐसी बात हो कि दर्शकों को समोहित कर ले | इसके अलावे एक सिनेमैटोग्राफर मेहनती होना जरुरी है | शूटिंग सबेरे से लेकर रात तक होती है, कई दिनों तक होती है, शहर में, गाँव में, पहाड़ पर, जंगल में, पानी में इत्यादि जगहों पर होती है | बहुत ज्यादा यात्रा करनी पड़ती है | सिनेमैटोग्राफर को शारीरिक रूप से मजबूत का होना आवश्यक है | यदि अच्छी लम्बाई है तो वह फायदेमंद है | सिनेमैटोग्राफर में लीडरशिप का गुण होना चाहिए क्योंकि उसे पूरी टीम को लेकर चलना होता है | सिनेमैटोग्राफर बनने के दो रास्ते हैं | पहला रास्ता, आपको किसी भी विषय से ग्रेजुएशन करना है, उसके बाद किसी भी प्राइवेट इंस्टिट्यूट या सरकारी इंस्टिट्यूट से सिनेमैटोग्राफी में डिप्लोमा करना है | सिनेमैटोग्राफी में डिप्लोमा के लिए कुछ अच्छे इंस्टिट्यूट हैं जैसे भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान पुणे, सत्यजित रे फिल्म और टेलिविजन संस्थान, कोलकाता, एल० वी० प्रसाद फिल्म एन्ड टीवी अकैडमी चेन्नई, इत्यादि | डिप्लोमा पूरी हो जाने के बाद कुछ महीनों या वर्षों तक किसी अच्छे सिनेमैटोग्राफर के साथ काम करना है और प्रैक्टिकल कर काम सिखाना है और धीरे धीरे अपनी पहचान बनाते हुए एक अच्छा सिनेमैटोग्राफर बनने के उद्देश्य को प्राप्त करना है | दूसरा रास्ता, यदि आपके पास इतना ज्ञान है कि आप सिनेमैटोग्राफी को सिख सकते हैं और उसमें करियर बना सकते हैं तो डिप्लोमा के बिना, किसी सिनेमैटोग्राफर के साथ काम करके सिख सकते हैं और कुछ वर्षों में एक सिनेमैटोग्राफर बन सकते हैं | सिनेमैटोग्राफर एक अच्छा कार्य है | इसमें नाम, पैसा और शोहरत है | शुरुआत में आपको फ्री में काम करना पड़ सकता है | पर धीरे धीरे सिनेमैटोग्राफी का ज्ञान और अनुभव हो जाने पर आप एक दिन के कार्य के लिए तीन हजार से ले कर एक लाख भी मांग सकते हैं | निर्भर करता है कि आप कितनी अच्छी तरीके से सिनेमैटोग्राफी का कार्य करते है और किस जगह करते हैं | यदि आपको बहुत अच्छा कार्य करना है और अच्छा पैसा कमाना है तो मुम्बई, चेन्नई या हैदराबाद रहना पड़ेगा जहाँ अधिक से अधिक शूटिंग होती है |

 by Sudhir Kumar

  Mon, Jun 24, 2019     Administrator India  
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